आजकल पर्सनल लोन का चलन बहुत बढ़ गया है क्योंकि यह कई आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होता है। चाहे शादी का खर्च हो, बच्चों की पढ़ाई का बिल या किसी मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना हो, पर्सनल लोन एक आसान और त्वरित विकल्प बन गया है। लेकिन बहुत से लोग यह सोचते हैं कि आखिर बैंक या फाइनेंस कंपनी पर्सनल लोन कब तक देती है और उसकी EMI (मासिक किस्त) कितनी होनी चाहिए ताकि वह अपनी सैलरी के अनुसार आसानी से चुकाई जा सके। आइए इस बात को आसान भाषा में समझते हैं।
बैंक क्या देखती है पर्सनल लोन देते वक्त?
जब आप पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक या NBFC सबसे पहले आपकी मासिक आय, नौकरी की स्थिरता और क्रेडिट हिस्ट्री को जांचती है। खासकर यह देखा जाता है कि आपकी मासिक आय से आपकी EMI आसानी से निकल सके। आमतौर पर बैंक आपकी EMI को आपकी मासिक सैलरी का 35% से 40% तक सीमित रखना पसंद करती है। इसका मतलब यह है कि आपकी कुल सैलरी का यह हिस्सा आप EMI के रूप में आराम से चुका सकें।
अलग-अलग लोन राशि के लिए सैलरी की जरूरत
अगर आप 3 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, जिसकी अवधि लगभग 5 साल और ब्याज दर 12% है, तो आपकी मासिक EMI लगभग ₹6,673 होगी। ऐसे में आपकी सैलरी कम से कम ₹20,000 से ₹22,000 होनी चाहिए ताकि EMI का बोझ ज्यादा न हो और आप घर के अन्य खर्च भी आराम से चला सकें।
अगर लोन राशि ₹5 लाख हो तो आपकी EMI लगभग ₹11,122 आएगी। इसे मैनेज करने के लिए आपकी मासिक आय ₹30,000 से ₹35,000 के बीच होनी चाहिए। इस रेंज में बैंक लोन देने में ज्यादा परेशानी नहीं करती क्योंकि EMI सैलरी के मुताबिक सुरक्षित रहती है।
बड़े लोन की बात करें तो ₹10 लाख के पर्सनल लोन की EMI लगभग ₹22,244 प्रति माह होती है। इसे आसानी से चुका पाने के लिए आपकी मासिक सैलरी ₹60,000 से ₹65,000 के बीच होनी जरूरी है। इससे कम सैलरी वाले लोगों को इतना बड़ा लोन मिलना मुश्किल हो सकता है या उन्हें ज्यादा ब्याज दर पर लोन लेना पड़ सकता है।
EMI कैलकुलेशन का सारांश
| लोन राशि (₹) | मासिक EMI (₹) | न्यूनतम सैलरी (₹) |
|---|---|---|
| 3,00,000 | 6,673 | 20,000 – 22,000 |
| 5,00,000 | 11,122 | 30,000 – 35,000 |
| 10,00,000 | 22,244 | 60,000 – 65,000 |
आखिर में क्या ध्यान रखें?
पर्सनल लोन लेते वक्त सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपनी सैलरी और खर्च का सही आकलन करें। कोशिश करें कि आपकी EMI आपकी मासिक सैलरी के 35% से ज्यादा न हो। इससे न केवल आपको EMI भरने में आसानी होगी, बल्कि आपका क्रेडिट स्कोर भी अच्छा बना रहेगा। साथ ही, जितना जरूरी हो उतना ही लोन लें ताकि किश्तें बाद में भारी न पड़ें।
पर्सनल लोन आज के दौर में बहुत उपयोगी साबित होता है, लेकिन सही योजना और समझदारी से ही इसका लाभ उठाना चाहिए। अपनी सैलरी, EMI और ब्याज दरों को ध्यान में रखते हुए ही लोन लें, ताकि आपकी वित्तीय स्थिति पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
ध्यान दें: यह लेख 12% ब्याज दर और 5 साल की अवधि के आधार पर तैयार किया गया है। विभिन्न बैंक और NBFC की ब्याज दरें और नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए लोन लेने से पहले सभी शर्तों को ध्यान से जांच लें।
